मानव संसाधन विकास


एक संगठन के रूप में बीएसएनएल का अर्थव्यवस्था के विकास में बहुत योगदान है और कर्मचारी संवृद्धि और विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य सहित यह एक कर्मचारी केंद्रित कंपनी है।

  • एक निगमित दर्शन के साथ जो मानव संसाधन को संगठन की सबसे बहुमूल्य परिसंपत्ति मानता है, बीएसएनएल के लिए कर्मचारियों के कौशल को लगातार बढ़ाना, उनके ज्ञान और उनकी विशेषज्ञता और उनकी महत्त्वाकांक्षाओं को पूरा करना स्वाभाविक है। भले ही बीएसएनएल अपनी व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन करता है, यह नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से ज्ञान और कौशल में निरंतर वृद्धि पर बल देता है।
  • भारत संचार निगम लिमिटेड में लगभग 63966 (1 जून 2021 के हिसाब से) उच्च कौशल और अनुभव प्राप्त कार्मिक हैं।
  • हमारा विश्वास है कि हमारा स्टाफ, जो टेलीकॉम सेक्टर में सर्वश्रेष्ठ रूप से प्रशिक्षित जनशक्तियों में से एक है, हमारी सबसे बड़ी परिसंपत्ति है।
  • हमारा विश्वास है कि हमारा भविष्य हमारे स्टाफ पर आधारित है, जो हमारे सम्माननीय ग्राहकों सेवाएं प्रदान करता है और उनके साथ संपर्क में रहता है।
  • तकनीकी चुनौतियों का सामना करने के लिए, कर्मचारियों को देश भर में फैले बीएसएनएल के प्रशिक्षण केंद्रों में दूरसंचार बुनियादी ढांचे में तकनीकी विकास, कंप्यूटर सीखने के माध्यम से व्यक्तिगत कौशल के संवर्धन, प्रबंधकीय कौशल विकसित करने आदि के लिए प्रशिक्षित किए जाते हैं। इन केन्द्रों में अपेक्षित मूलभूत सुविधाओं जैसे लेक्चर रूम, आधुनिक ऑडियो-विजुअल की सुविधाएं, पुस्तकालय, हॉस्टल आदि की समुचित व्यवस्था है।
  • बीएसएनएल के शीर्ष प्रशिक्षण केंद्रों यानी गाजियाबाद के उच्च स्तरीय दूरसंचार प्रशिक्षण केंद्र (एएलटीटीसी) और जबलपुर के भारत रत्न भीमराव दूरसंचार प्रशिक्षण केंद्र की तुलना किसी भी विश्व स्तरीय दूरसंचार प्रशिक्षण केंद्र से की जा सकती है। एएलटीटीसी, गाजियाबाद में एपेक्स प्रशिक्षण केंद्र के तहत 6 क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र हैं, जो पूरे देश में अपने कर्मचारियों के तकनीकी और प्रबंधकीय कौशल और दक्षताओं को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करते हैं।
  • ये प्रशिक्षण केंद्र, केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित कौशल विकास कार्यक्रम (कौशल भारत/ skill India) प्रदान करने में भी सहभागिता करते हैं।