नॉन-ओवाईटी-जी-एसई -दूरसंचार विभाग


नॉन-ओवाईटी श्रेणी :

नॉन-ओवाईटी के अंतर्गत, टाइप (ग्रामीण अथवा शहरी) एवं एक्सचेंज की क्षमता के आधार पर रु. 500/- अथवा रु. 2,000/- के आरंभिक डिपॉजिट के भुगतान पर आवेदनों का पंजीकरण किया जाता है. डिपॉजिट के भुगतान की तारीख से से टेलीफोन की इंस्टालेशन की तारीख की अवधि के लिए, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा फिक्स्ड डिपॉजिट पर एक वर्ष के लिए देय ब्याज के बराबर राशि अदा की जाती है. नॉन-ओवाईटी श्रेणी के अंतर्गत पांच स्कीम हैं, जो इस प्रकार हैं:

5. नॉन-ओवाईटी-जी-एसई-डीओटी:
  • दूरसंचार विभाग और बीएसएनएल के सेवारत कर्मचारी के लिए पंजीकरण और नॉन-ओवाईटी-जी-एसई-डीओटी श्रेणी के पात्र हैं. इस श्रेणी के अंतर्गत पंजीकरण कराने वालों को नॉन-ओवाईटी-एसडब्ल्यूएस श्रेणी के अंतर्गत पंजीकरण कराने वालों की तुलना में इंस्टालेशन के लिए प्राथमिकता दी जाएगी.
  • यह सुविधा कर्मचारी के पूरे सेवा काल में केवल एक बार प्रदान की जाएगी.

दूरसंचार विभाग/बीएसएनएल के सेवानिवृत्त हो चुके/सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को बिना बारी के टेलीफोन कनेक्शन:


पहले दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों को उनकी सेवा पंजिका (परिपत्र सं.16-60/92-पीएचए, दिनांक 1.3.1995) में उनके द्वारा घोषित होम टाउन में प्राइवेट ग्राहक के तौर पर नॉन-ओवाईटी जनरल श्रेणी में बिना बारी के टेलीफोन कनेक्शन दिए जाने की अनुमति थी.

अब उक्त निर्देशों में से 'होम टाउन' की शर्त पर छूट देने का निर्णय लिया गया है. अब दूरसंचार विभाग और बीएसएनएल के कर्चारी अपनी सेवानिवृत्ति पर, प्राइवेट ग्राहक के तौर पर नॉन-ओवाईटी जनरल श्रेणी में बिना बारी के टेलीफोन कनेक्शन के आबंटन के पात्र होंगे, यह टेलीफोन उन स्थानों के लिए जारी होंगे जहां कर्मचारी सेवानिवृत्ति के बाद रहना चाहता है बशर्ते उस स्थान पर उक्त कर्मचारी के नाम कोई से कोई अन्य टेलीफोन चालू नहीं हो. (सं. 2-15/01-पीएचए, दिनांक 8.10.2001)